पन्ना जिले के चितारबरा गांव में जर्जर स्कूल भवन में बच्चों की पढ़ाई की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शाहनगर एसडीएम श्रुति अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर विद्यालय और सड़क का निरीक्षण किया। रिसाव वाले कमरों को फिलहाल बंद कर दिया गया है, वहीं सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के कई सरकारी स्कूल खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। बरसात के दिनों में बच्चों की जान खतरे में है, लेकिन ना मरम्मत हुई और ना ही वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई। दीवारों की दरारें, टपकती छत और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मासूम बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण तक नहीं कर रहे।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने समय-सीमा बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित किया जाए। मरम्मत योग्य भवनों को सुधारा जाए और पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को डिसमेंटल किया जाए। साथ ही, खाद्यान्न वितरण, उर्वरक उपलब्धता, और लंबित शिकायतों के निराकरण को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।















